अधिकार और कर्तव्य

संवर्ग-वार अधिकार एवं कर्तव्य नीचे सूचीबद्ध किया गया है।

केन्द्रीय उत्पाद शुल्क आयुक्त

केन्द्रीय उत्पाद शुल्क एवं सेवा कर आयुक्त गुवाहाटी द्वारा सभी पांच मंडल कार्यालयों के प्रशाशनिक और तकनीकी कार्यों का पर्यवेक्षण और नियंत्रण रखा जाता है। वे आयुक्तालय, मंडल कार्यालयों और रेंजों के  कार्यकलापों पर करीबी निगरानी रखते है। वे आयुक्तालय के प्रत्येक मंडल के राजस्व संग्रह  की देख-रेख करते है।  वे बोर्ड द्वारा समय- समय पर जारी  तकनीकी एवं प्रशासनिक अनुदेश/ दिशानिर्देशों के कार्यान्वयन पर भी ध्यान रखते है। उनके पास  कार्यकारी और अर्ध न्यायिक दोनों तरह की शक्तियां रहती है। वे प्रत्येक वर्ष  लक्षित राजस्व वसूली सुनिश्चित करके  मुख्य आयुक्त को रिर्पोट करते है। वे केन्द्रीय उत्पाद शुल्क एवं सीमा शुल्क बोर्ड, निरीक्षण महानिदेशालय और महालेखाकार द्वारा  नरीक्षण के अध्यधीन है । वे अपने प्रशासनिक अधिकार और अनुशासनात्मक कार्रवाई द्वारा आयुक्तालय में कार्यरत अधिकारियों के बीच उचित अनुशासन बनाए रखने के लिए जिम्मेदार होते है ।

केन्द्रीय उत्पाद शुल्क अपर आयुक्त                 

आयुक्त महोदय  की सहायता करने के लिए दो केन्द्रीय उत्पाद शुल्क अपर आयुक्त मौजूद है। अपर आयुक्त(का.व.स) के रूप मे पदनामित एक अपर आयुक्त प्रशासनिक मामलों  अर्थात तैनाती, सतर्कता, वेतन, स्थानांतरण भत्ता, यात्रा भत्ता, चिकित्सीय भत्ता, भविष्य निधि इत्यादि के प्रति उत्तरदायी है। आयुक्तलाय के निम्नलिखित अनुभाग उन्हे रिर्पोट करते है।

क)    स्थापना अनुभाग : इस अनुभाग की अगुवाई प्रशासनिक अधिकारी (समूह राजपत्रित) द्वारा किया    

जाता है। प्रशासनिक अधिकारी मुख्य लेखा अधिकारी को रिर्पोट करते है, यह अनुभाग डिस्पोजिसन लिस्ट, लेखन साम्रगी, भंडार के रखरखाव के लिए जिम्मेदार होता है। प्रशासनिक अधिकारी को कर सहायक द्वारा सहायता किया जाता है।

ख) बिल अनुभाग: इस अनुभाग की अगुवाई प्रशासनिक अधिकारी (समूह राजपत्रित) द्वारा किया  जाता   

    है। प्रशासनिक अधिकारी मुख्य लेखा अधिकारी को रिर्पोट करते है, यह अनुभाग वेतन भुगतान, वार्षिक

    वेतन वृद्धि, चिकित्सीय भत्ता वितरण, शिक्षा  भत्ता, ऋण, आवास निर्माण भत्ता, यात्रा भत्ता के लिए   

    उत्तरदायी होता है।

   ग) मुख्य लेखा अधिकारी :  वे सम्रग  लेखा प्राप्तियां एवं व्यय सहित सभी प्रकार के उत्पाद शुल्क एवं सेवाकर  

  लेखांकन के लिए उत्तरदायी होते है। अर्थात इस खाते में प्रशासनिक   और कर प्राप्तियां दोनो शामिल होते है।   

  मुख्य लेखा अधिकारी उचित निधि अविनियोजन, व्यय नियंत्रण, और आवधिक रिर्पोट प्रधान लेखा अधिकारी

 , नई दिल्ली को  भेजने के लिए उत्तरदायी होता है। वे व्यय और प्राप्तियां के पूर्व लेखा परीक्षा और पश्च लेखा

  परीक्षा  के लिए स्थानीय वेतन एवं लेखा अधिकारी से समन्वय स्थापित करते है। उन्हे लिपिकिय कर्मचारियों    

  के अलावा सहायक मुख्य लेखा अधिकारी द्वारा सहायता प्रदान की जाती है।

ध) गोपनीय और सतर्कता अनुभागः इस अनुभाग की अगुवाई अधीक्षक द्वारा निरीक्षक की सहायता से किया

     जाता है। अधीक्षक  कर्मचारियों के व्यवहार पर निगरानी रखता है। वे भष्ट्राचार और शिकायतों को दूर करने

     के लिए आवधिक रूप से व्यापार और उद्योग से जानकारी लेते रहते है। वे अधिकारियों के खिलाफ सभी

     शिकायतों की जांच करके अपनी  निष्कर्ष प्रस्तुत करते है । यह अनुभाग प्रत्येक  कर्मचारियों के गोपनीय  

    अभिलेखों के रखरखाव जैसे वार्षिक सम्पति रिटर्न और वार्षिक  आचरण रिपोर्ट के लिए भी उत्तरदायी है।

 ड़) कल्याणकारी  अनुभाग:  यह अनुभाग  कर्मचारियों के  कल्याणकारी मामलों के लिए उत्तदायी होता है।

    सेवा के दौरान कर्मचारियों की मौत हो जाने पर वित्तीय सहायता प्रदान किया  जाता है। शैक्षणिक योग्यता .     

    छात्रवृति सहायता की स्वीकृति के लिए  इसी शाखा द्वारा सिफारिश किया जाता है।

) सेवा कर अनुभाग:इस अनुभाग की अगुवाई अधीक्षक द्वारा निरीक्षक और लिपिकिय कर्मचारी  की

    सहायता से किया जाता है    सेवा  कर से संबंधित भारत सरकार के अधिसूचना, परिपत्र से सभी को सूचित 

   करने   एवं इन मामलों में समन्वय स्थापित करने के लिए यह अनुभाग उत्तरदायी होता है।

) लेखा परीक्षण अनुभाग : लेखा परीक्षण अनुभाग  की अगुवाई उपायुक्त द्वारा  किया जाता है, उनके साथ

   अधीक्षक की अगुवाई  में अधिकारियों का एक दल भी होता  है। इस अनुभाग का प्राथमिक कार्य यूनिटों का  .    

   दौरा करना और कर अनुपालन सुनिश्चत करने के लिए लेखा परीक्षक का कार्य करना होता है

) विधि अनुभाग : इस अनुभाग की अगुवाई अधीक्षक द्वारा निरीक्षक और कर सहायक की सहायता  से

    किया जाता है। इस अनुभाग का प्राथमिक उत्तरदायित्व विभागीय परामर्शदाता से विचार विमर्ष सहित 

    विभाग के विभिन्न न्यायालयों के मामलों की देख-रेख करना है।

 

दूसरे अपर आयुक्त को अपरआयुक्त (तकनीकी) के रूप में पदनामित किया गया है। उन्हे  कर अदा करने वाले यूनिटों का विभागीय लेखा परीक्षण, अभियोजन कार्यवाही की अनुवर्ती कार्रवाई, न्यायालय के कानूनी मामलें संबंधी दायित्व सौपा गया है। निम्नलिखित अनुभाग उन्हे रिर्पोट करते है।

(1) तकनीकी अनुभाग: इस अनुभाग में अधीक्षक, निरीक्षक और लिपिकीय कर्मचारी होते है। यह अनुभाग भारत सरकार के कर नितियों के उचित कार्यान्वयन के लिए समन्वय स्थापित करता है। यह अनुभाग सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को भारत सरकार के नितियों, अधिसूचनाओं, परिपत्रों, अनुदेशों से अवगत कराता है। क्षेत्रीय कार्यालयों से प्राप्त समस्याएं से भारत सरकार को  वैकल्पिक नितियां तैयार करने के लिए अवगत कराया जाता है। विधि द्वारा विहित अनुमति प्रदान करने की सभी अधिकारों  की जांच एवं सिफारिस इस अनुभाग द्वारा किया जाता  है।  बकाया के रूप मे परिवर्तित राजस्व जिसको भरसक प्रयास के बावजूद वसूला नही जा सका हो उनको बट्टे में डालने के लिए जांच किया जाता है। सभी छूट दावें की मंजूरी के लिए जांच किया जाता है। इस संस्था के विभिन्न स्कंधों के आंतरिक निरीक्षण की अभिकल्पना और अनुवर्ती कार्रवाई इसी अनुभाग द्वारा किया जाता है। व्यापार और उद्योग के साथ सभी प्रकार के बैठकें की जाती है। क्षेत्रीय संगठन और व्यापार  दोनो द्वारा अपेक्षित स्पष्टीकरण, की जांच करके उत्तर इसी अनुभाग द्वारा दिया जाता है।

 

2.  सांख्यिकी अनुभाग:  आयुक्तालय के महत्वपूर्व आकड़े को  यहा इकठ्ठा करके प्रस्तुत किया जाता है। संसद में

      केन्द्रीय उत्पाद शुल्क एवं सेवा कर के विषय में उठाए गए सभी प्रश्नों को यहां इकठ्ठा करके उनके उत्तर के   

      लिए संचरित किया जाता है। राजस्व की प्रवृति पर नजर रखी जाती है, विभिन्न कार्यो के लंबित पड़े पहलु  

      जैसे न्यायनिर्णयन, शुल्क वापसी, आकलन इत्यादि की निगरानी की जाती है। आवधिक रिपोर्ट जैसे अति

      महत्वपूर्ण मासिक तकनीकी रिपोर्ट (एम.टी.आर) तैयार की जाती है।

(3) कम्प्यूटर अनुभागः यह अनुभाग के पास कम्प्यूटर नेटवर्क संबंधी कार्य का दायित्व होता है  सभी डाटा को

    फेड और रिट्रीव किया जाता है।

(4) समीक्षा एवं अधिकरण अनुभाग: इस अनुभाग में अधीक्षक, निरीक्षक और लिपिकिय कर्मचारी होते जो  

     न्यायनिर्णयन अधिकारियों  द्वारा परित आदेशों की समीक्षा में सहायता प्रदान करते है तथा विभिन्न

     अपील फोरम में जैसे आयुक्त अपील, अधिकरण, भारत सरकार को अपील दाखिल करते है

(5) निवारक अनुभाग:  यह स्थानीय आयुक्तालय का आसूचना स्कंध है। इस अनुभाग की अगुवाई सहायक

      आयुक्त द्वारा किया जाता है और इसमें  अधिकारियों का चार दल होता  है। प्रत्येक दल  की अगुवाई       

      अधीक्षक  के  द्वारा निरीक्षक की सहायता से किया जाता है। इस अनुभाग का प्राथमिक कार्य   निवारक

      जांच द्वारा कर अपवंचन को रोकना है। वे विभन्न यूनिटों का अकास्मात  दौरा करके विभन्न रिकार्ड़ो और  

      रजिस्टरों की जांच करके यह सुनिश्चित करते है कि कही कोई कर का अपवंचन तो नही हुआ है या लुके छुपे

     तरीके से सामानों को निकासी तो नही की गई है। यह आयुक्तलाय का मुख्य बल है।

 (6) कर वसली कक्ष :  यह कक्ष बकायदारों की सम्पति कुर्क करके बकाया राजस्व संग्रह में समन्वय स्थापित

     करता है।

      आयुक्त और   अपर आयुक्त के पास न्यायनिर्णयन अधिकार निहित  होते है वे अर्ध न्यायिक प्राधिकारियों

      के रूप में कार्य करते और आदेश पारित करते है

3.  केन्द्रीय उत्पाद शुल्क संय़ुक्त आयुक्त:

  वर्तमान मे किसी भी संयुक्त आयुक्त स्तर के अधिकारी की तैनाती अभी तैनाती इस आयुक्तलय में नही हुई है।