प्रशासनिक ढांचा

आयुक्तालय निम्नलिखित पदानुक्रम के साथ मुख्य आयुक्त, सीमाशुल्क, केन्द्रीय उत्पाद शुल्क और सेवाकर, उत्तर पूर्व क्षेत्र, शिलांग के क्षेत्राधिकार में है।

आयुक्त -- विभागाध्यक्ष

अपर/संयुक्त आयुक्त-- मंडल कार्यालयों के प्रशासनिक प्रमुख

उप/सहायक आयुक्त – मंडल प्रमुख

अधीक्षक--रेंज अधिकारी

निरीक्षक—सेक्टर अधिकारी

आयुक्तालय के क्षेत्राधिकार को 5 मंडल कार्यालयों में बांटा गया  है। आयुक्तालय के सेवा कर संबंधी कार्य को एक मंडल कार्यालय को सौपा गया है।  मंडल कार्यालय का कार्यक्षेत्र,  सेवा प्रदाताओं और उद्योगो के धनत्व के अलावा उसके द्वारा सम्मुखीन  सेवाओं, वस्तुओं की जटिलताओं और राजस्व प्राप्ति की मात्रा पर निर्भर करता है। प्रत्येक मंडल कार्यालय का प्रमुख उपायुक्त या सहायक आयुक्त होता है, जिनकी सहायता  अधीक्षक,  निरीक्षक, प्रशासनिक अधिकारी तथा अनुसचिवीय कर्मचारी द्वारा किया जाता है।

मंडल कार्यालय  के क्षेत्राधिकार को पुनः रेंजों में विभक्त किया गया है। रेंज का क्षेत्राधिकार  विभन्न धटकों द्वारा नियंत्रित होता  है जो  मंडल कार्यालय  के क्षेत्राधिकार को भी नियंत्रित करता  है। प्रत्येक रेंज का प्रमुख एक अधीक्षक होता है जिसे रेंज अधिकारी के रूप में पदनामित किया गया है। रेंज अधिकारी के अधीन निरीक्षक होता है। प्रत्येक निरीक्षक कतिपय यूनिटों का प्रभारी होता है । निरीक्षक के क्षेत्राधिकार को सेक्टर कहा जाता है।

प्रत्येक मंडल कार्यालय अपर/संयुक्त आयुक्त के पर्यवेक्षी नियंत्रण में  होता है।

अपर/संयुक्त आयुक्त (का.व.स), कार्मिक एवं सतर्कता मामलों के प्रभारी होते है । अपर/संयुक्त आयुक्त (समीक्षा) विभिन्न मूल और अपीलीय प्राधिकारियों द्वारा पारित की गई न्यायनिर्णयन आदेशों की समीक्षा  तथा अवैधानिक और अनुचित आदेश के खिलाफ आगे अपील दाखिल करने के लिए उत्तरदायी होते है।

सीमाशुल्क , केन्द्रीय उत्पाद शुल्क एवं सेवा कर आयुक्तालय का प्राथमिक कार्य सीमाशुल्क, केन्द्रीय उत्पाद शुल्क एवं सेवा कर अधिनियम  और  इस अधिनियम के विभिन्न उपबंधो के अधीन बनाए गए  नियम,  केन्द्रीय उत्पाद शुल्क  टैरिफ अधिनियम/ सीमा शुल्क टैरिफ अधिनियम तथा भारत के ससंद के अन्य  सम्बद्ध अधिनियम को भी लागू कराना है जिसके अधीन केन्द्रीय उत्पाद शुल्क एवं अन्य शुल्क /कर उगाहे और संग्रहित किए जाते है। अपने कार्यकलाप के निर्वहन हेतु आयुक्तालय को विभिन्न शाखाओं में बांटा गया है जिसका विवरण प्रशासनिक ढांचा शीर्षक में ऊपर दिया गया है।  सांविधिक उपबंधों के कार्यान्वयन हेतु अन्य नियमों के साथ पठित वित्त अधिनियम , 1994 के अध्याय V और VA में दिए गए सेवा कर  को भी  केन्द्रीय उत्पाद शुल्क आयुक्तालय द्वारा लागू किया जाता है।

          रेंज कार्यालय ही व्यापार उद्योग और विभाग के बीच सम्पर्क का प्रथम कार्यालय है, सबसे पहले शुल्क का आकलन निर्धारिती द्वारा स्वयं ही किया जाता है और वह उसकी अदायगी या तो चालू खाते के  माध्यम से या अपने सेनवैट खाते में मौजूद शुल्क के माध्यम से  करता है। निर्धारिती द्वारा दाखिल किए गए रिटर्न के आधार पर रेंज कर्मचारी द्वारा शुल्क निर्धारण की जांच की जाती है। लधु उद्योग इकाईयों द्वारा त्रैमासिक आधार पर  एवं अन्य इकाईयों द्वारा मासिक आधार पर रिटर्न दाखिल किया जाता है। यदि निर्धारिती द्वारा शुल्क का कम भुगतान किया गया हो या  शुल्क का भुगतान नही किया गया हो तो उसके खिलाफ कारण बताओं नोटिस जारी कर दिया जाता है।

शुल्क निर्धारण संबंधी कार्य के अलावा रेंज अधिकारी कुछ विशिष्ट  निर्धारिती द्वारा दाखिल की गई सांविधिक धोषणाओं की सत्यता की भी जांच करते है अर्थात वार्षिक वित्तीय सूचना विवरण, यूनिट के पंजीकरण के संबंध में दाखिल की गई  धोषणा, या भंडारण व  परिसर से संबंधित धोषणा आदि।रेंज अधिकारी निर्यात  की जाने वाली खेप की जाचं के अलावा निर्यात की जाने वाली वस्तुओं की मात्रा और गुणवत्ता के संबंध में प्रमाणपत्र भी जारी करते है।

रेंज अधिकारियों के दल के कार्य को मंडल कार्यालय के अधिकारी द्वारा पर्यवेक्षित किया जाता  है, और उस अधिकारी का ओहदा उपायुक्त या सहायक आयुक्त का होता है।

मंडल  प्रमुख का  केन्द्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम एवं नियम, 1994, और सीमा शुल्क अधिनियम 1962, के अधीन विहित 100% ईओयू/एसटीपी/ इएचटीपी के तहत कार्य कर रहे यूनिटों के संबंध में   कतिपय संवैधानिक दायित्व होते है। वे विभन्न नियमों के तहत कतिपय अनुमति भी प्रदान करते है। मंडल प्रमुख अपने क्षेत्राधिकार के अंदर केन्द्रीय उत्पाद शुल्क एवं सेवा कर कानूनों और प्रक्रियाओं का उचित अनुपालन के लिए जिम्मेदार होते है। मंडल प्रमुख के पास अपने क्षेत्राधिकार  के अन्तर्गत अर्ध-न्यायिक कार्य अर्थात न्यायनिर्णयन संबंधी अधिकार भी होते है।

मंडल  कार्यलयों के कार्य का पर्यवेक्षण आयुक्त द्वारा अपर आयुक्त/संयुक्त आयुक्त/ उपायुक्त/सहायक आयुक्त एवं अन्य अधीनस्थ अधिकारियों की मदद से किया जाता है।

मुख्यालय का अपवंचन- रोध शाखा शुल्क/ कर के अपवंचन संबंधी आसूचना एकत्र करने और कर अपवंचन के प्रयास को विफल करने के  लिए उत्तरदायी होता है। लेखा परीक्षा शाखा के अधिकारियों द्वारा दौरा करके निर्धारिती के वित्तीय अभिलेखों की विस्तृत जांच की जाती है ताकि यह सुनिश्चित की जा सके कि निर्धारिती ने विहित तिथि के अंदर अपने देय शुल्क का सही भुगतान किया है ।

व्यापार द्वारा  सम्मुखीन विभिन्न  कागजाती समस्याओं  को कम करने के लिए विभाग द्वारा कम्प्यूटीकरण की दिशा में  कदम  उठाया गया है। जिसके परिणामस्वरूप केन्द्रीय उत्पाद शुल्क एवं सेवा कर  द्वारा SERMON/SACER/SAPS/STREMS तथा सीमा शुल्क द्वारा EDD प्रणाली जैसे एप्लेकेशन अपनायी गई है। विभाग अब व्यापार को सुविधा प्रदान करने वाला हो गया है। ए.सी.ई.एस (केन्द्रीय उत्पाद शुल्क एवं सेवा कर का स्वचालन) का कार्यान्वयन इस तरह के सरलीकरण की दिशा में एक और मील का पत्थर है।

केन्द्रीय उत्पाद शुल्क एवं सेवा कर के स्वचालन (ए.सी.ई.एस) की शुरूवात सभी आयुक्तालय में  की जा चुकी है। यह एक दूसरी पीढ़ी का सॉफ्टवेयर है जो वर्तमान में रिटर्न और पंजीकरण विवरण हासिल करने  के लिए प्रयोग की जा रही एप्लेकेशन  जैसे SERMON/SACER / SAPS / STREMS को बदलने के लिए विकसित किया गया है।

ए.सी.ई.एस के शुरू होने से निर्धारिती को विभिन्न प्रकार के फायदे है। इसमे ऑनलाइन पंजीकरण या  उसमे संसोधन, ऑनलाइन रिर्टन, दावें और सूचना की सुविधा है। निर्धारिती ऑनलाइन अपने दावें की स्थिति की ट्रैकिंग, कारण बताओं नोटिस का जवाब,  आयुक्त (अपील) को  अपील, मूल- आदेश को देखना आदि कर सकता है। ए.सी.ई.एस कैश / सैनवेट  शुल्क अदायगी,  निर्यात और आयात के लिए चलायी जाने वाली बॉड खाता इत्यादि सहित सभी प्रकार उत्पाद शुल्क एवं सेवा कर संबंधी लेन-देन का एकल सूचना स्रोत मुहैया कराता है।